Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.24.18: वह कहती है - 'हाय! यह वही हाथ है जिसने युद्ध में अनेक वीर योद्धाओं को मारा है, मित्रों को अभयदान दिया है, हजारों गौएँ दान की हैं और अनेक क्षत्रियों का संहार किया है॥18॥ | mahabharat अध्याय 11.24: भूरिश्रवाके पास उसकी पत्नियोंका विलाप, उन सबको तथा शकुनिको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख शोेकोद्गार । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अयं स हन्ता शूराणां मित्राणामभयप्रद:।
प्रदाता गोसहस्राणां क्षत्रियान्तकर: कर:॥ १८॥
अनुवाद
वह कहती है - 'हाय! यह वही हाथ है जिसने युद्ध में अनेक वीर योद्धाओं को मारा है, मित्रों को अभयदान दिया है, हजारों गौएँ दान की हैं और अनेक क्षत्रियों का संहार किया है॥18॥
She says, 'Alas! This is the same hand which has killed many valiant warriors in the war, given protection to friends, donated thousands of cows and killed many Kshatriyas.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥