Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.24.14: सात्यकि ने उनसे भी अधिक गंभीर पाप किया है, क्योंकि उसने एक ऐसे संत पर तलवार से हमला किया है, जो आत्मा से शुद्ध थे और मृत्युपर्यन्त भूख हड़ताल पर थे। | mahabharat अध्याय 11.24: भूरिश्रवाके पास उसकी पत्नियोंका विलाप, उन सबको तथा शकुनिको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख शोेकोद्गार । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सात्यकि ने उनसे भी अधिक गंभीर पाप किया है, क्योंकि उसने एक ऐसे संत पर तलवार से हमला किया है, जो आत्मा से शुद्ध थे और मृत्युपर्यन्त भूख हड़ताल पर थे।
'Satyaki has committed a sin even more grave than them because he has attacked a saint with a sword who was pure in soul and was on a hunger strike till death.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥