Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 11.23.37: दुःख से दुर्बल और व्याकुल, कोमल और प्रसिद्ध कृपी युद्ध में मारे गए अपने पति का अंतिम संस्कार करने का प्रयास कर रही है। 37.   |   mahabharat अध्याय 11.23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  11.23.37 
प्रेतकृत्यं च यतते कृपी कृपणमातुरा।
हतस्य समरे भर्तु: सुकुमारी यशस्विनी॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
दुःख से दुर्बल और व्याकुल, कोमल और प्रसिद्ध कृपी युद्ध में मारे गए अपने पति का अंतिम संस्कार करने का प्रयास कर रही है। 37.
 
Weakened and anxious by grief, the tender and famous Kripi is trying to perform the last rites of her husband who was killed in the war. 37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)