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mahabharat 11.23.35: देखो, कृपी अपने केश खोले हुए, मुख नीचे किए हुए, रोती हुई अपने मारे गए पति, समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य से प्रार्थना कर रही है।   |   mahabharat अध्याय 11.23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  11.23.35 
तां पश्य रुदतीमार्तां मुक्तकेशीमधोमुखीम्।
हतं पतिमुपासन्तीं द्रोणं शस्त्रभृतां वरम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
देखो, कृपी अपने केश खोले हुए, मुख नीचे किए हुए, रोती हुई अपने मारे गए पति, समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ द्रोणाचार्य से प्रार्थना कर रही है।
 
Behold, Kripi, with her hair open and face down, weeping, is praying to her slain husband, Dronacharya, the best among all weapon bearers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)