Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.23.34: मधुसूदन! द्रोणाचार्य की पत्नी कृपी द्रुपदपुत्र द्वारा मारे जाने पर अत्यन्त दयनीय अवस्था में उनके पास बैठी है। वह शोक के कारण अपनी सुध-बुध खो बैठी है॥34॥ | mahabharat अध्याय 11.23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मधुसूदन! द्रोणाचार्य की पत्नी कृपी द्रुपदपुत्र द्वारा मारे जाने पर अत्यन्त दयनीय अवस्था में उनके पास बैठी है। वह शोक के कारण अपनी सुध-बुध खो बैठी है॥34॥
Madhusudan! Kripi, wife of Dronacharya, is sitting beside him in a very pitiful state after he was killed by the son of Drupada. She has lost her senses due to grief. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥