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mahabharat 11.23.27: माधव! जैसे देवराज इन्द्र और पराक्रमी परशुराम चारों प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों को जानते थे, वैसे ही द्रोणाचार्य भी जानते थे॥ 27॥   |   mahabharat अध्याय 11.23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  11.23.27 
अस्त्रं चतुर्विधं वेद यथैव त्रिदशेश्वर:।
भार्गवो वा महावीर्यस्तथा द्रोणोऽपि माधव॥ २७॥
 
 
अनुवाद
माधव! जैसे देवराज इन्द्र और पराक्रमी परशुराम चारों प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों को जानते थे, वैसे ही द्रोणाचार्य भी जानते थे॥ 27॥
 
Madhava! Just as the king of gods Indra and the mighty Parashurama knew the four kinds of weapons, so did Dronacharya.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)