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mahabharat 11.23.26: जो अर्जुन के गुरु, सात्यकि के गुरु और कौरवों के श्रेष्ठ गुरु थे, उन द्रोणाचार्य को देखो, जो युद्धभूमि में गिर पड़े हैं ॥26॥   |   mahabharat अध्याय 11.23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.23.26 
अर्जुनस्य विनेतारमाचार्यं सात्यकेस्तथा।
तं पश्य पतितं द्रोणं कुरूणां गुरुमुत्तमम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
जो अर्जुन के गुरु, सात्यकि के गुरु और कौरवों के श्रेष्ठ गुरु थे, उन द्रोणाचार्य को देखो, जो युद्धभूमि में गिर पड़े हैं ॥26॥
 
Look at Dronacharya, who was the teacher of Arjuna, the teacher of Satyaki and the best teacher of the Kauravas, who has fallen in the battlefield. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)