Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.23.16: केशव! जैसे सूर्य सम्पूर्ण जगत को तपाकर अस्त हो जाते हैं, उसी प्रकार ये वीर मानव सूर्य भी अपने शस्त्रों के बल से शत्रुओं को पीड़ा पहुँचाकर रणभूमि में अस्त हो रहे हैं। | mahabharat अध्याय 11.23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
केशव! जैसे सूर्य सम्पूर्ण जगत को तपाकर अस्त हो जाते हैं, उसी प्रकार ये वीर मानव सूर्य भी अपने शस्त्रों के बल से शत्रुओं को पीड़ा पहुँचाकर रणभूमि में अस्त हो रहे हैं।
Keshav! Just as the Sun sets after heating the entire world, similarly these valiant human Suns are setting on the battlefield after tormenting their enemies with the might of their weapons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥