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mahabharat 11.23.15: श्रीकृष्ण! देखो, सूर्य के समान तेजस्वी शान्तनुपुत्र भीष्म किस प्रकार सो रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रलयकाल में काल द्वारा प्रेरित सूर्य आकाश से पृथ्वी पर गिर पड़े हों।   |   mahabharat अध्याय 11.23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.23.15 
पश्य शान्तनवं कृष्ण शयानं सूर्यवर्चसम्।
युगान्त इव कालेन पतितं सूर्यमम्बरात्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण! देखो, सूर्य के समान तेजस्वी शान्तनुपुत्र भीष्म किस प्रकार सो रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रलयकाल में काल द्वारा प्रेरित सूर्य आकाश से पृथ्वी पर गिर पड़े हों।
 
Sri Krishna! Look, how the son of Shantanu Bhishma, who is as radiant as the Sun, is sleeping. It appears as if the Sun, driven by time, has fallen from the sky to the earth during the time of doomsday.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)