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mahabharat 11.23.12: जैसे इन्द्र का वृत्रासुर के साथ भयंकर युद्ध हुआ था, उसी प्रकार कुन्तीपुत्र अर्जुन का भगदत्त के साथ अत्यन्त भयंकर एवं रोमांचकारी युद्ध हुआ था ॥12॥   |   mahabharat अध्याय 11.23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  11.23.12 
एतेन किल पार्थस्य युद्धमासीत् सुदारुणम्।
रोमहर्षणमत्युग्रं शक्रस्य त्वहिना यथा॥ १२॥
 
 
अनुवाद
जैसे इन्द्र का वृत्रासुर के साथ भयंकर युद्ध हुआ था, उसी प्रकार कुन्तीपुत्र अर्जुन का भगदत्त के साथ अत्यन्त भयंकर एवं रोमांचकारी युद्ध हुआ था ॥12॥
 
Just as Indra had a terrible battle with Vritraasura, similarly Kunti's son Arjuna had a very fierce and thrilling battle with Bhagadatta. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)