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श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 23: शल्य, भगदत्त, भीष्म और द्रोणको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख गान्धारीका विलाप  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  11.23.11 
यस्य रुक्ममयी माला शिरस्येषा विराजते।
श्वापदैर्भक्ष्यमाणस्य शोभयन्तीव मूर्धजान्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
जंगली जानवर उन्हें खा रहे हैं। उनके सिर पर सोने की माला है, जो उनके बालों की शोभा बढ़ा रही है। 11.
 
Wild animals are eating them. On their heads is a garland of gold, which seems to enhance the beauty of their hair. 11.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)