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mahabharat 11.22.4: अवंती के भयभीत राजा को मृत्युशय्या पर पड़ा देख उनकी पत्नियाँ रो रही हैं और उन्हें चारों ओर से घेर रही हैं।   |   mahabharat अध्याय 11.22: अपनी-अपनी स्त्रियोंसे घिरे हुए अवन्ती-नरेश और जयद्रथको देखकर तथा दु:शलापर दृष्टिपात करके गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 22: अपनी-अपनी स्त्रियोंसे घिरे हुए अवन्ती-नरेश और जयद्रथको देखकर तथा दु:शलापर दृष्टिपात करके गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  11.22.4 
शयानं वीरशयने शूरमाक्रन्दकारिणम्।
आवन्त्यमभितो नार्यो रुदत्य: पर्युपासते॥ ४॥
 
 
अनुवाद
अवंती के भयभीत राजा को मृत्युशय्या पर पड़ा देख उनकी पत्नियाँ रो रही हैं और उन्हें चारों ओर से घेर रही हैं।
 
Seeing the fearful King of Avanti lying on the bed of death, his wives are weeping and surrounding him from all sides.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)