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mahabharat 11.22.2: मधुसूदन! देखो, कितने ही वीर योद्धाओं का वध करके वह रक्त से लथपथ होकर वीरों की शय्या पर पड़ा है।   |   mahabharat अध्याय 11.22: अपनी-अपनी स्त्रियोंसे घिरे हुए अवन्ती-नरेश और जयद्रथको देखकर तथा दु:शलापर दृष्टिपात करके गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 22: अपनी-अपनी स्त्रियोंसे घिरे हुए अवन्ती-नरेश और जयद्रथको देखकर तथा दु:शलापर दृष्टिपात करके गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  11.22.2 
तं पश्य कदनं कृत्वा शूराणां मधुसूदन।
शयानं वीरशयने रुधिरेण समुक्षितम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
मधुसूदन! देखो, कितने ही वीर योद्धाओं का वध करके वह रक्त से लथपथ होकर वीरों की शय्या पर पड़ा है।
 
Madhusudan! Look, after killing so many valiant warriors he is lying soaked in blood on the bed of heroes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)