श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 21: गान्धारीके द्वारा कर्णको देखकर उसके शौर्य तथा उसकी स्त्रीके विलापका श्रीकृष्णके सम्मुख वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  11.21.6 
समेता: पुरुषव्याघ्र निहतं शूरमाहवे।
प्रकीर्णमूर्धजा: पत्न्यो रुदत्य: पर्युपासते॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हे सिंह पुरुष! युद्धभूमि में मारे गए इस वीर योद्धा के पास उसकी पत्नियाँ आकर केश बिखेरकर बैठी हुई रो रही हैं।
 
O lion man! His wives have come to the side of this valiant warrior slain on the battlefield and are sitting with their hair dishevelled and crying. 6.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)