श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 21: गान्धारीके द्वारा कर्णको देखकर उसके शौर्य तथा उसकी स्त्रीके विलापका श्रीकृष्णके सम्मुख वर्णन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  11.21.10 
पश्य कर्णस्य पत्नीं त्वं वृषसेनस्य मातरम्।
लालप्यमानां करुणं रुदतीं पतितां भुवि॥ १०॥
 
 
अनुवाद
देखो, कर्ण की पत्नी और वृषसेन की माता किस प्रकार भूमि पर गिरकर करुण स्वर से रो रही हैं ॥10॥
 
See how the wife of Karna and the mother of Vrishasena is crying pitifully, falling on the ground. ॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)