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mahabharat 11.20.8: श्री कृष्ण! अभिमन्यु का स्वर्ण कवच रक्त से सना हुआ है। कन्या उत्तरा कवच खोलकर अपने पति के शरीर को देख रही है।   |   mahabharat अध्याय 11.20: गान्धारीद्वारा श्रीकृष्णके प्रति उत्तरा और विराटकुलकी स्त्रियोंके शोक एवं विलापका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.20.8 
तस्य क्षतजसंदिग्धं जातरूपपरिष्कृतम्।
विमुच्य कवचं कृष्ण शरीरमभिवीक्षते॥ ८॥
 
 
अनुवाद
श्री कृष्ण! अभिमन्यु का स्वर्ण कवच रक्त से सना हुआ है। कन्या उत्तरा कवच खोलकर अपने पति के शरीर को देख रही है।
 
Shri Krishna! Abhimanyu's golden armour is stained with blood. The girl Uttara is opening the armour and looking at her husband's body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)