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श्री महाभारत
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पर्व 11: स्त्री पर्व
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अध्याय 20: गान्धारीद्वारा श्रीकृष्णके प्रति उत्तरा और विराटकुलकी स्त्रियोंके शोक एवं विलापका वर्णन
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श्लोक 33
श्लोक
11.20.33
आसामातपतप्तानामायासेन च योषिताम्।
श्रमेण च विवर्णानां वक्त्राणां विप्लुतं वपु:॥ ३३॥
अनुवाद
इन युवतियों के चेहरे धूप से झुलस गये हैं, परिश्रम और परिश्रम से उनका रंग पीला पड़ गया है।
The faces of these young women have been burnt by the sun, their complexions have become pale due to effort and toil. 33.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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