Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.20.3: श्री कृष्ण! मैं देख रहा हूँ कि मारे जाने पर भी अत्यन्त तेजस्वी अर्जुनपुत्र अभिमन्यु का तेज अभी तक समाप्त नहीं हुआ है।॥3॥ | mahabharat अध्याय 11.20: गान्धारीद्वारा श्रीकृष्णके प्रति उत्तरा और विराटकुलकी स्त्रियोंके शोक एवं विलापका वर्णन । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्योपलक्षये कृष्ण कार्ष्णेरमिततेजस:।
अभिमन्योर्हतस्यापि प्रभा नैवोपशाम्यति॥ ३॥
अनुवाद
श्री कृष्ण! मैं देख रहा हूँ कि मारे जाने पर भी अत्यन्त तेजस्वी अर्जुनपुत्र अभिमन्यु का तेज अभी तक समाप्त नहीं हुआ है।॥3॥
Sri Krishna! I can see that even after being killed, the radiance of Abhimanyu, the son of Arjun, who is extremely radiant, is still not extinguished. ॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥