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mahabharat 11.20.27: सुभद्रानन्दन! जब आप पुण्यात्माओं के लोकों में जाकर अप्सराओं के साथ विहार करें, तब कृपया मेरे पुण्यकर्मों का भी स्मरण कीजिएगा॥ 27॥   |   mahabharat अध्याय 11.20: गान्धारीद्वारा श्रीकृष्णके प्रति उत्तरा और विराटकुलकी स्त्रियोंके शोक एवं विलापका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.20.27 
प्राप्य पुण्यकृताँल्लोकानप्सरोभि: समेयिवान्।
सौभद्र विहरन् काले स्मरेथा: सुकृतानि मे॥ २७॥
 
 
अनुवाद
सुभद्रानन्दन! जब आप पुण्यात्माओं के लोकों में जाकर अप्सराओं के साथ विहार करें, तब कृपया मेरे पुण्यकर्मों का भी स्मरण कीजिएगा॥ 27॥
 
'Subhadranandan! When you go to the worlds of pious souls and roam around with the Apsaras, please also remember my good deeds.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)