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mahabharat 11.20.25: हे पुरुषश्रेष्ठ! पितृलोक में जाकर तुम मेरे समान दूसरी किस स्त्री को मृदुल मुस्कान और मधुर वचनों से बुलाओगे?॥ 25॥   |   mahabharat अध्याय 11.20: गान्धारीद्वारा श्रीकृष्णके प्रति उत्तरा और विराटकुलकी स्त्रियोंके शोक एवं विलापका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.20.25 
कामिदानीं नरव्याघ्र श्लक्ष्णया स्मितया गिरा।
पितृलोके समेत्यान्यां मामिवामन्त्रयिष्यसि॥ २५॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! पितृलोक में जाकर तुम मेरे समान दूसरी किस स्त्री को मृदुल मुस्कान और मधुर वचनों से बुलाओगे?॥ 25॥
 
'O best of men! After going to Pitriloka, which other woman like me will you call with a gentle smile and sweet words?॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)