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mahabharat 11.20.22: हे कमलनेत्र! हे जीवनदेव! पाण्डवों को यह विशाल राज्य प्राप्त हुआ है, उन्होंने अपने शत्रुओं को परास्त किया है, आपके बिना इनमें से कुछ भी उन्हें सुख नहीं देगा॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 11.20: गान्धारीद्वारा श्रीकृष्णके प्रति उत्तरा और विराटकुलकी स्त्रियोंके शोक एवं विलापका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.20.22 
न राज्यलाभो विपुल: शत्रूणां च पराभव:।
प्रीतिं धास्यति पार्थानां त्वामृते पुष्करेक्षण॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे कमलनेत्र! हे जीवनदेव! पाण्डवों को यह विशाल राज्य प्राप्त हुआ है, उन्होंने अपने शत्रुओं को परास्त किया है, आपके बिना इनमें से कुछ भी उन्हें सुख नहीं देगा॥ 22॥
 
'Lotus-eyed! O lord of life! The Pandavas have got this vast kingdom, they have defeated their enemies, none of this will make them happy without you. ॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)