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श्री महाभारत
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पर्व 11: स्त्री पर्व
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अध्याय 2: विदुरजीका राजा धृतराष्ट्रको समझाकर उनको शोकका त्याग करनेके लिये कहना
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श्लोक 33
श्लोक
11.2.33
यस्यां यस्यामवस्थायां यत् करोति शुभाशुभम्।
तस्यां तस्यामवस्थायां तत्फलं समुपाश्नुते॥ ३३॥
अनुवाद
मनुष्य जिस भी अवस्था में जो भी अच्छा या बुरा कर्म करता है, उसका फल उसे उसी अवस्था में प्राप्त होता है ॥33॥
Whatever good or bad deed a man performs in whatever state, he receives its fruits in the same state. ॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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