Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.2.25: सुन्दरता, यौवन, जीवन, धन-संचय, स्वास्थ्य और प्रियजनों के साथ रहना - ये सब अनित्य हैं, अतः विद्वान् पुरुष को इनमें कभी आसक्त नहीं होना चाहिए। | mahabharat अध्याय 11.2: विदुरजीका राजा धृतराष्ट्रको समझाकर उनको शोकका त्याग करनेके लिये कहना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुन्दरता, यौवन, जीवन, धन-संचय, स्वास्थ्य और प्रियजनों के साथ रहना - ये सब अनित्य हैं, अतः विद्वान् पुरुष को इनमें कभी आसक्त नहीं होना चाहिए।
Beauty, youth, life, accumulation of wealth, health and living together with loved ones - all these are temporary, so a learned person should never get attached to them. 25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥