श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 2: विदुरजीका राजा धृतराष्ट्रको समझाकर उनको शोकका त्याग करनेके लिये कहना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  11.2.16 
न यज्ञैर्दक्षिणावद्भिर्न तपोभिर्न विद्यया।
स्वर्गं यान्ति तथा मर्त्या यथा शूरा रणे हता:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
युद्ध में मारे गए वीर योद्धा अधिक सुगमता से स्वर्गलोक को जाते हैं, जबकि मनुष्य प्रचुर दक्षिणा, तप और ज्ञान सहित यज्ञों के द्वारा भी वहाँ नहीं जा सकते॥16॥
 
The valiant warriors killed in battle go to heaven with greater ease than can men go there even with the help of sacrifices with abundant dakshina, austerities and knowledge.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)