Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.2.13: ये अदृश्य लोक से आए हैं और अदृश्य लोक में ही चले गए हैं। न ये तुम्हारे थे, न तुम इनके हो। फिर यहाँ शोक करने का क्या कारण है?॥13॥ | mahabharat अध्याय 11.2: विदुरजीका राजा धृतराष्ट्रको समझाकर उनको शोकका त्याग करनेके लिये कहना । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अदर्शनादापतिता: पुनश्चादर्शनं गता:।
नैते तव न तेषां त्वं तत्र का परिदेवना॥ १३॥
अनुवाद
ये अदृश्य लोक से आए हैं और अदृश्य लोक में ही चले गए हैं। न ये तुम्हारे थे, न तुम इनके हो। फिर यहाँ शोक करने का क्या कारण है?॥13॥
These came from the invisible world and have gone back to the invisible world. These were neither yours nor you are theirs. Then what is the reason for mourning here?॥13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥