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mahabharat 11.2.12: वे सभी वीर वेदों के महान् विद्वान थे। उन सभी ने ब्रह्मचर्य व्रत का पालन किया था और युद्ध में शत्रुओं से लड़ते हुए मारे गए। अतः उनके लिए शोक करने की क्या बात है?॥12॥   |   mahabharat अध्याय 11.2: विदुरजीका राजा धृतराष्ट्रको समझाकर उनको शोकका त्याग करनेके लिये कहना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 2: विदुरजीका राजा धृतराष्ट्रको समझाकर उनको शोकका त्याग करनेके लिये कहना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  11.2.12 
सर्वे स्वाध्यायवन्तो हि सर्वे च चरितव्रता:।
सर्वे चाभिमुखा: क्षीणास्तत्र का परिदेवना॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वे सभी वीर वेदों के महान् विद्वान थे। उन सभी ने ब्रह्मचर्य व्रत का पालन किया था और युद्ध में शत्रुओं से लड़ते हुए मारे गए। अतः उनके लिए शोक करने की क्या बात है?॥12॥
 
All those brave souls were great students of the Vedas. All of them had observed the vow of celibacy and all of them died fighting the enemy in the war. So what is there to mourn for them?॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)