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mahabharat 11.2.10: इस संसार-यात्रा पर जो लोग एक साथ आए हैं, उन्हें एक दिन वहाँ (परलोक में) जाना ही है। उनमें से जिसकी मृत्यु पहले हुई है, वही आगे जाता है। ऐसी स्थिति में किसी के लिए शोक क्यों करना चाहिए?॥10॥   |   mahabharat अध्याय 11.2: विदुरजीका राजा धृतराष्ट्रको समझाकर उनको शोकका त्याग करनेके लिये कहना   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 2: विदुरजीका राजा धृतराष्ट्रको समझाकर उनको शोकका त्याग करनेके लिये कहना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  11.2.10 
एकसार्थप्रयातानां सर्वेषां तत्र गामिनाम्।
यस्य काल: प्रयात्यग्रे तत्र का परिदेवना॥ १०॥
 
 
अनुवाद
इस संसार-यात्रा पर जो लोग एक साथ आए हैं, उन्हें एक दिन वहाँ (परलोक में) जाना ही है। उनमें से जिसकी मृत्यु पहले हुई है, वही आगे जाता है। ऐसी स्थिति में किसी के लिए शोक क्यों करना चाहिए?॥10॥
 
All those who have come together on this worldly journey will have to go there (to the other world) one day. Among them, the one whose death came first, goes ahead. In such a situation, why should one grieve for anyone?॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)