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mahabharat 11.19.7: जो शत्रु सेना का नाश करने जा रहा था, उसे अपनी प्रतिज्ञा पालन करने वाले वीर योद्धा भीमसेन ने मार डाला है और अब वह युद्धभूमि के सामने सो रहा है।   |   mahabharat अध्याय 11.19: विकर्ण, दुर्मुख, चित्रसेन, विविंशति तथा दु:सहको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 19: विकर्ण, दुर्मुख, चित्रसेन, विविंशति तथा दु:सहको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  11.19.7 
एष संग्रामशूरेण प्रतिज्ञां पालयिष्यता।
दुर्मुखोऽभिमुख: शेते हतोऽरिगणहा रणे॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जो शत्रु सेना का नाश करने जा रहा था, उसे अपनी प्रतिज्ञा पालन करने वाले वीर योद्धा भीमसेन ने मार डाला है और अब वह युद्धभूमि के सामने सो रहा है।
 
He who was going to destroy the enemy forces, has been killed by the brave warrior Bhimasena who kept his vow and is now sleeping in front of the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)