Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.19.5: पुरुषप्रवर माधव! विकर्ण युवक था, देवताओं के समान तेजस्वी, वीर, सुख में पला हुआ और सुख भोगने में ही समर्थ था; किन्तु आज वह धूल में लोट रहा है॥5॥ | mahabharat अध्याय 11.19: विकर्ण, दुर्मुख, चित्रसेन, विविंशति तथा दु:सहको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुरुषप्रवर माधव! विकर्ण युवक था, देवताओं के समान तेजस्वी, वीर, सुख में पला हुआ और सुख भोगने में ही समर्थ था; किन्तु आज वह धूल में लोट रहा है॥5॥
Purushapravar Madhav! Vikarna was a young man, radiant like a god, brave, brought up in happiness and was only capable of enjoying happiness; But today it is rolling in the dust. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥