श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 18: अपने अन्य पुत्रों तथा दु:शासनको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  11.18.6 
दृष्ट्वा मे पार्थिवसुतामेतां लक्ष्मणमातरम्।
राजपुत्रीं महाबाहो मनो न ह्युपशाम्यति॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हे महाबाहो! लक्ष्मण की माता पृथ्वी के राजा की पुत्री हैं। इस राजकुमारी की यह दुर्दशा देखकर मेरे मन को किसी भी प्रकार शांति नहीं मिल रही है।॥6॥
 
O mighty-armed one! The mother of Lakshmana is the daughter of a king of the earth. Seeing the plight of this princess my mind is not at peace in any way. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)