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mahabharat 11.18.23-25: श्री कृष्ण! उस समय मैंने राजा दुर्योधन से कहा - 'बेटा! शकुनि मृत्यु के पाश में फँस गया है। तुम्हें उसका साथ छोड़ देना चाहिए। बेटा! तुम्हें अपने इस कुबुद्धि वाले चाचा को झगड़ालू समझकर शीघ्र ही उसका परित्याग कर देना चाहिए और पाण्डवों के साथ संधि कर लेनी चाहिए। मूर्ख! तुम नहीं जानते कि भीमसेन कितना कुपित है। इसीलिए तुम उसे अपने तीखे शब्दबाणों से ऐसे पीड़ा पहुँचा रहे हो, जैसे जलती हुई लकड़ी से हाथी को मारा जाता है।'॥23-25॥   |   mahabharat अध्याय 11.18: अपने अन्य पुत्रों तथा दु:शासनको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 18: अपने अन्य पुत्रों तथा दु:शासनको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 23-25
 
 
श्लोक  11.18.23-25 
ततोऽहमब्रवं कृष्ण तदा दुर्योधनं नृपम्।
मृत्युपाशपरिक्षिप्तं शकुनिं पुत्र वर्जय॥ २३॥
निबोधैनं सुदुर्बुद्धिं मातुलं कलहप्रियम्।
क्षिप्रमेनं परित्यज्य पुत्र शाम्यस्व पाण्डवै:॥ २४॥
न बुद्धॺसे त्वं दुर्बुद्धे भीमसेनममर्षणम्।
वाङ्नाराचैस्तुदंस्तीक्ष्णैरुल्काभिरिव कुञ्जरम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
श्री कृष्ण! उस समय मैंने राजा दुर्योधन से कहा - 'बेटा! शकुनि मृत्यु के पाश में फँस गया है। तुम्हें उसका साथ छोड़ देना चाहिए। बेटा! तुम्हें अपने इस कुबुद्धि वाले चाचा को झगड़ालू समझकर शीघ्र ही उसका परित्याग कर देना चाहिए और पाण्डवों के साथ संधि कर लेनी चाहिए। मूर्ख! तुम नहीं जानते कि भीमसेन कितना कुपित है। इसीलिए तुम उसे अपने तीखे शब्दबाणों से ऐसे पीड़ा पहुँचा रहे हो, जैसे जलती हुई लकड़ी से हाथी को मारा जाता है।'॥23-25॥
 
Shri Krishna! At that time I said to King Duryodhan - 'Son! Shakuni is trapped in the noose of death. You should leave his company. Son! You should consider this uncle of yours with a wrong mind as a quarrelsome person and quickly abandon him and make peace with the Pandavas. Foolish one! You do not know how infuriated Bhimsen is. That is why you are tormenting him with your sharp verbal arrows, just like hitting an elephant with a burning piece of wood.'॥ 23-25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)