Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.18.13-14: माधव! देखो, ये स्त्रियाँ नई अवस्था में हैं। इनके स्तन और मुख दर्शनीय हैं। इनकी पलकें और केश काले हैं। ये सभी कुलीन और लज्जाशील हैं। ये हंसों के समान मधुर वाणी बोलती हैं; किन्तु आज शोक और शोक से व्याकुल होकर ये सारसों के समान रोती और विलाप करती हुई पृथ्वी पर गिर पड़ी हैं॥13-14॥ | mahabharat अध्याय 11.18: अपने अन्य पुत्रों तथा दु:शासनको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
माधव! देखो, ये स्त्रियाँ नई अवस्था में हैं। इनके स्तन और मुख दर्शनीय हैं। इनकी पलकें और केश काले हैं। ये सभी कुलीन और लज्जाशील हैं। ये हंसों के समान मधुर वाणी बोलती हैं; किन्तु आज शोक और शोक से व्याकुल होकर ये सारसों के समान रोती और विलाप करती हुई पृथ्वी पर गिर पड़ी हैं॥13-14॥
Madhava! Look, these women are in a new state. Their breasts and faces are worth seeing. Their eyelashes and hair are black. All of them are noble and modest. They speak in a voice as melodious as that of swans; but today, overcome by grief and sorrow, they have fallen on the earth crying and wailing like chirping cranes.॥ 13-14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥