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mahabharat 11.17.26: पहले जब राजा दुर्योधन जीवित था, तब यह बुद्धिमान कन्या अपने वीर पति की दोनों भुजाओं का आश्रय लेकर उसके साथ इसी प्रकार सुखपूर्वक क्रीड़ा करती होगी॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 11.17: दुर्योधन तथा उसके पास रोती हुई पुत्रवधूको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  11.17.26 
नूनमेषा पुरा बाला जीवमाने महीभुजे।
भुजावाश्रित्य रमते सुभुजस्य मनस्विनी॥ २६॥
 
 
अनुवाद
पहले जब राजा दुर्योधन जीवित था, तब यह बुद्धिमान कन्या अपने वीर पति की दोनों भुजाओं का आश्रय लेकर उसके साथ इसी प्रकार सुखपूर्वक क्रीड़ा करती होगी॥ 26॥
 
'Earlier, when King Duryodhana was alive, this intelligent girl must have taken shelter of the two arms of her brave husband and played with him happily in this manner.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)