श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 17: दुर्योधन तथा उसके पास रोती हुई पुत्रवधूको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  11.17.10 
अमर्षणं युधां श्रेष्ठं कृतास्त्रं युद्धदुर्मदम्।
शयानं वीरशयने पश्य माधव मे सुतम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
माधव! मेरे इस पुत्र को देखो जो साहसी, योद्धाओं में श्रेष्ठ, शस्त्रविद्या का ज्ञाता, वीर और पराक्रमी है, वह शय्या पर सो रहा है॥10॥
 
'Madhav! Look at this son of mine who is courageous, best among warriors, knowledgeable in weapons, brave and brave, sleeping on the bed. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)