श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 17: दुर्योधन तथा उसके पास रोती हुई पुत्रवधूको देखकर गान्धारीका श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  11.17.1 
वैशम्पायन उवाच
दुर्योधनं हतं दृष्ट्वा गान्धारी शोककर्शिता।
सहसा न्यपतद् भूमौ छिन्नेव कदली वने॥ १॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं: जनमेजय! दुर्योधन को मारा गया देखकर गान्धारी शोक से व्याकुल होकर वन में कटे हुए केले के वृक्ष के समान सहसा भूमि पर गिर पड़ी॥1॥
 
Vaishmpayana says: Janamejaya! On seeing Duryodhan killed, Gandhari, overcome with grief, suddenly fell on the ground like a cut banana tree in the forest.॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)