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mahabharat 11.16.61: भगवान् श्रीकृष्ण को संबोधित करते हुए गांधारी अपने पुत्र के शोक से व्याकुल होकर युद्ध में मारे गए अपने पुत्र दुर्योधन की ओर देखकर इस प्रकार विलाप करने लगी॥61॥   |   mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  11.16.61 
एवमार्ता विलपती समाभाष्य जनार्दनम्।
गान्धारी पुत्रशोकार्ता ददर्श निहतं सुतम्॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
भगवान् श्रीकृष्ण को संबोधित करते हुए गांधारी अपने पुत्र के शोक से व्याकुल होकर युद्ध में मारे गए अपने पुत्र दुर्योधन की ओर देखकर इस प्रकार विलाप करने लगी॥61॥
 
Addressing Lord Shri Krishna, Gandhari, distraught with the grief of her son, looked at her son Duryodhana, who was killed in the war, thus mourning her. 61॥
 
इति श्रीमहाभारते स्त्रीपर्वणि स्त्रीविलापपर्वणि आयोधनदर्शने षोडशोऽध्याय:॥ १६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत स्त्रीपर्वके अन्तर्गत स्त्रीविलापपर्वमें युद्धदर्शनविषयक सोलहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १६॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)