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mahabharat 11.16.54: बहुत से शवों के सिर कटकर गायब हो गए हैं, बहुतों को मांसाहारी पशु-पक्षियों ने खा लिया है; इसलिए भरतवंश की स्त्रियाँ उन्हें देखकर भी नहीं पहचान पातीं कि ये हमारे पति हैं॥ 54॥   |   mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  11.16.54 
उत्कृत्तशिरसश्चान्यान् विजग्धान् मृगपक्षिभि:।
दृष्ट्वा काश्चिन्न जानन्ति भर्तॄन् भरतयोषित:॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
बहुत से शवों के सिर कटकर गायब हो गए हैं, बहुतों को मांसाहारी पशु-पक्षियों ने खा लिया है; इसलिए भरतवंश की स्त्रियाँ उन्हें देखकर भी नहीं पहचान पातीं कि ये हमारे पति हैं॥ 54॥
 
'The heads of many corpses have disappeared after being cut off, many have been eaten by carnivorous animals and birds; hence, even after seeing them, the women of the Bharat clan are unable to recognise that these are our husbands.॥ 54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)