Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.16.52: बहुत सी स्त्रियाँ समाधिस्थ होकर अपने सम्बन्धियों को खोजती हुई पास में पड़े हुए धड़ से एक सिर जोड़ने का प्रयत्न करती हैं और जब वह सिर उससे नहीं जुड़ता तथा वहाँ कोई दूसरा सिर नहीं मिलता, तब वे दुःखी होकर कहने लगती हैं कि यह हमारा सिर नहीं है॥ 52॥ | mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहुत सी स्त्रियाँ समाधिस्थ होकर अपने सम्बन्धियों को खोजती हुई पास में पड़े हुए धड़ से एक सिर जोड़ने का प्रयत्न करती हैं और जब वह सिर उससे नहीं जुड़ता तथा वहाँ कोई दूसरा सिर नहीं मिलता, तब वे दुःखी होकर कहने लगती हैं कि यह हमारा सिर नहीं है॥ 52॥
'Many women, while searching for their relatives in a trance, try to join a head with the body nearby and when that head does not join with it and no other head is found there, they become sad and start saying that this is not their head.॥ 52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥