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mahabharat 11.16.51: इन सुन्दर सिरहीन धड़ों और धड़हीन सिरों को देखकर स्त्रियाँ अचेत हो रही हैं।॥ 51॥   |   mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  11.16.51 
विशिरस्कानथो कायान् दृष्ट्वा ह्येताननिन्दितान्।
मुह्यन्त्यनुगता नार्यो विदेहानि शिरांसि च॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
इन सुन्दर सिरहीन धड़ों और धड़हीन सिरों को देखकर स्त्रियाँ अचेत हो रही हैं।॥ 51॥
 
‘The women followers are becoming unconscious looking at these beautiful headless torsos and heads without torsos.॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)