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mahabharat 11.16.50: यहाँ कटे हुए सिर, हाथ और शरीर के पूरे अंगों के ढेर लगे हैं। ये सब एक के ऊपर एक पड़े हैं। ऐसा लग रहा है मानो पूरी धरती ही इनसे ढकी हुई है।   |   mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  11.16.50 
शिरोभि: पतितैर्हस्तै: सर्वाङ्गैर्यूथश: कृतै:।
इतरेतरसम्पृक्तैराकीर्णा भाति मेदिनी॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
यहाँ कटे हुए सिर, हाथ और शरीर के पूरे अंगों के ढेर लगे हैं। ये सब एक के ऊपर एक पड़े हैं। ऐसा लग रहा है मानो पूरी धरती ही इनसे ढकी हुई है।
 
‘There are heaps of severed heads, hands and entire body parts. They are all lying one above the other. It seems the entire earth here is covered with them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)