Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.16.47: उनके विलाप का अर्थ पूरी तरह से समझा नहीं जा सकता, क्योंकि वे एक-दूसरे के विलाप के साथ मिल जाते हैं; यहां तक कि अन्य स्त्रियां भी उन्हें सुनकर कुछ समझ नहीं पातीं। | mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके विलाप का अर्थ पूरी तरह से समझा नहीं जा सकता, क्योंकि वे एक-दूसरे के विलाप के साथ मिल जाते हैं; यहां तक कि अन्य स्त्रियां भी उन्हें सुनकर कुछ समझ नहीं पातीं।
'The meaning of their wailings cannot be fully understood because they mix with each other's cries; even the other women are unable to understand anything after hearing them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥