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mahabharat 11.16.45: सूर्य और स्वर्ण के समान उज्ज्वल, कौरव वंश की इन कन्याओं के मुख क्रोध और रुदन के कारण ताम्रवर्ण के हो गये हैं।   |   mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  11.16.45 
एतान्यादित्यवर्णानि तपनीयनिभानि च।
रोषरोदनताम्राणि वक्त्राणि कुरुयोषिताम्॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
सूर्य और स्वर्ण के समान उज्ज्वल, कौरव वंश की इन कन्याओं के मुख क्रोध और रुदन के कारण ताम्रवर्ण के हो गये हैं।
 
‘These faces of the girls of the Kaurava dynasty, as bright as the sun and gold, have become copper in color due to anger and crying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)