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mahabharat 11.16.40: हजारों भयानक गीदड़ यहां मारे गए प्रतापी वीरों के गले के हार छीनकर ले जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  11.16.40 
एते गोमायवो भीमा निहतानां यशस्विनाम्।
कण्ठान्तरगतान् हारानाक्षिपन्ति सहस्रश:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
हजारों भयानक गीदड़ यहां मारे गए प्रतापी वीरों के गले के हार छीनकर ले जाते हैं।
 
‘Thousands of terrible jackals snatch and snatch the necklaces that are around the necks of the glorious heroes killed here.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)