Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 11.16.39: अन्य महारथियों को मांसाहारी जीव इधर-उधर घसीट रहे हैं, जिससे उनके सोने के बने हुए अद्भुत हार चारों ओर बिखर गए हैं॥ 39॥   |   mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  11.16.39 
क्रव्यादै: कृष्यमाणानामपरेषां महात्मनाम्।
शातकौम्भ्य: स्रजश्चित्रा विप्रकीर्णा: समन्तत:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
अन्य महारथियों को मांसाहारी जीव इधर-उधर घसीट रहे हैं, जिससे उनके सोने के बने हुए अद्भुत हार चारों ओर बिखर गए हैं॥ 39॥
 
'The other great warriors are being dragged here and there by carnivorous creatures, due to which their wonderful necklaces made of gold are scattered all around.॥ 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)