Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.16.33: वे तेजस्वी योद्धा जो पहले चन्दन और अगुरुचूर्ण से शरीर को लिपे हुए, सुखदायक शय्याओं पर सोते थे, आज धूल में लोट रहे हैं॥ 33॥ | mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये पुरा शेरते वीरा: शयनेषु यशस्विन:।
चन्दनागुरुदिग्धाङ्गास्तेऽद्य पांसुषु शेरते॥ ३३॥
अनुवाद
वे तेजस्वी योद्धा जो पहले चन्दन और अगुरुचूर्ण से शरीर को लिपे हुए, सुखदायक शय्याओं पर सोते थे, आज धूल में लोट रहे हैं॥ 33॥
'Those glorious warriors who used to sleep on comfortable beds, with their bodies smeared with sandalwood and aguruchurna, are today rolling in the dust.॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥