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mahabharat 11.16.31: जो लोग पहले कोमल शय्याओं पर सोते थे, वे मरकर अब नंगी भूमि पर सो रहे हैं॥31॥   |   mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  11.16.31 
शयाना ये पुरा सर्वे मृदूनि शयनानि च।
विपन्नास्तेऽद्य वसुधां विवृतामधिशेरते॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
जो लोग पहले कोमल शय्याओं पर सोते थे, वे मरकर अब नंगी भूमि पर सो रहे हैं॥31॥
 
‘Those who used to sleep on soft beds earlier, have died and are now sleeping on the bare ground.॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)