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mahabharat 11.16.29: जो अजेय माने जाते थे, वे भी मारे गए हैं और यहाँ अचेत और निर्जीव पड़े हैं। गिद्ध, कौवे, बटेर, बाज, कुत्ते और सियार उन्हें अपना आहार बना रहे हैं॥ 29॥   |   mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  11.16.29 
अवध्यकल्पान् निहतान् गतसत्त्वानचेतस:।
गृध्रकङ्कवटश्येनश्वशृगालादनीकृतान्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
जो अजेय माने जाते थे, वे भी मारे गए हैं और यहाँ अचेत और निर्जीव पड़े हैं। गिद्ध, कौवे, बटेर, बाज, कुत्ते और सियार उन्हें अपना आहार बना रहे हैं॥ 29॥
 
‘Those who were considered invincible have also been killed and are lying here unconscious and lifeless. Vultures, crows, quails, hawks, dogs and jackals are making them their food.॥ 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)