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mahabharat 11.16.26: मधुसूदन! इन पांचाल और कौरव योद्धाओं के मारे जाने से मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो पाँचों तत्त्व नष्ट हो गए हों॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  11.16.26 
पञ्चालानां कुरूणां च विनाशे मधुसूदन।
पञ्चानामपि भूतानामहं वधमचिन्तयम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
मधुसूदन! इन पांचाल और कौरव योद्धाओं के मारे जाने से मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो पाँचों तत्त्व नष्ट हो गए हों॥ 26॥
 
'Madhusudana! With the killing of these Panchala and Kaurava warriors, I have the impression that all the five elements have been destroyed.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)