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mahabharat 11.16.14: इस युद्धभूमि को, जिसे उन्होंने पहले कभी न देखा था, देखकर भरतवंश की कुछ स्त्रियाँ शोक से व्याकुल होकर शवों पर गिर पड़ीं और बहुत सी स्त्रियाँ भूमि पर गिर पड़ीं॥14॥   |   mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 11: स्त्री पर्व  »  अध्याय 16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  11.16.14 
अदृष्टपूर्वं पश्यन्त्यो दु:खार्ता भरतस्त्रिय:।
शरीरेष्वस्खलन्नन्या: पतन्त्यश्चापरा भुवि॥ १४॥
 
 
अनुवाद
इस युद्धभूमि को, जिसे उन्होंने पहले कभी न देखा था, देखकर भरतवंश की कुछ स्त्रियाँ शोक से व्याकुल होकर शवों पर गिर पड़ीं और बहुत सी स्त्रियाँ भूमि पर गिर पड़ीं॥14॥
 
On seeing this battlefield which they had never seen before, some of the women of the Bharata clan, overwhelmed with grief, fell on the corpses and many other women fell on the ground.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)