Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 11.16.11-12: कुरुक्षेत्र पहुँचने पर अनाथ स्त्रियों ने देखा कि वहाँ उनके पुत्र, भाई, पिता और पति मारे गए हैं और मांसाहारी पशु, गीदड़, कौवे, भूत, पिशाच, राक्षस और नाना प्रकार के रात्रिचर जीव उन्हें नोच-नोचकर खा रहे हैं॥ 11-12॥ | mahabharat अध्याय 11.16: वेदव्यासजीके वरदानसे दिव्य दृष्टिसम्पन्न हुई गान्धारीका युद्धस्थलमें मारे गये योद्धाओं तथा रोती हुई बहुओंको देखकर श्रीकृष्णके सम्मुख विलाप । mahabharat पर्व 11: स्त्री पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुरुक्षेत्र पहुँचने पर अनाथ स्त्रियों ने देखा कि वहाँ उनके पुत्र, भाई, पिता और पति मारे गए हैं और मांसाहारी पशु, गीदड़, कौवे, भूत, पिशाच, राक्षस और नाना प्रकार के रात्रिचर जीव उन्हें नोच-नोचकर खा रहे हैं॥ 11-12॥
On reaching Kurukshetra, the orphaned women saw the bodies of their sons, brothers, fathers and husbands killed there, being torn apart and eaten by carnivorous animals, jackals, crows, ghosts, vampires, devils and various kinds of nocturnal creatures.॥ 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥